परिमाणवाचक विशेषण (Pariman Vachak Visheshan) हिंदी व्याकरण के प्रमुख विशेषण के भेद में से एक है। यह उन शब्दों को दर्शाता है जो किसी अगणनीय संज्ञा की मात्रा या परिमाण का बोध कराते हैं। विद्यालयी परीक्षाओं, बोर्ड एग्जाम, प्रतियोगी परीक्षाओं तथा सामान्य हिंदी व्याकरण में परिमाणवाचक विशेषण से जुड़े प्रश्न अक्सर पूछे जाते हैं। इसलिए इसकी परिभाषा, पहचान, भेद और उदाहरणों को अच्छी तरह समझना आवश्यक है।
इस लेख में हम विस्तार से जानेंगे कि परिमाणवाचक विशेषण क्या है, इसकी परिभाषा क्या होती है, इसकी पहचान कैसे की जाती है, परिमाणवाचक विशेषण के भेद, 20 से अधिक उदाहरण, संख्यावाचक एवं गुणवाचक विशेषण से इसका अंतर, परीक्षा की दृष्टि से महत्वपूर्ण तथ्य, अभ्यास प्रश्न तथा अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)। यदि आप छात्र, शिक्षक या हिंदी व्याकरण सीखने में रुचि रखते हैं, तो यह विस्तृत लेख आपके लिए एक संपूर्ण मार्गदर्शिका साबित होगा।
परिमाणवाचक विशेषण क्या है? – Pariman Vachak Visheshan Kise Kahate Hain
परिमाणवाचक विशेषण (Pariman Vachak Visheshan) वह विशेषण होता है जो किसी अगणनीय (Uncountable) संज्ञा की मात्रा, परिमाण या माप का बोध कराता है। सरल शब्दों में, जब कोई शब्द यह बताए कि किसी वस्तु, पदार्थ या भाव की कितनी मात्रा है, तो उसे परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।
यह विशेषण मुख्य रूप से उन संज्ञाओं के साथ प्रयोग किया जाता है जिन्हें गिना नहीं जा सकता, बल्कि केवल उनकी मात्रा मापी जा सकती है, जैसे—पानी, दूध, तेल, चीनी, आटा, समय, ज्ञान आदि।
Pariman Vachak Visheshan Ki Paribhasha – परिमाणवाचक विशेषण की परिभाषा
Pariman Vachak Visheshan Ki Paribhasha: जो विशेषण किसी अगणनीय संज्ञा की मात्रा, परिमाण या माप का बोध कराए, उसे परिमाणवाचक विशेषण (Pariman Vachak Visheshan) कहते हैं।
सरल परिभाषा
जो शब्द यह बताते हैं कि किसी वस्तु की कितनी मात्रा है, उन्हें परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।
उदाहरण
- थोड़ा पानी
- अधिक दूध
- कम चीनी
- पर्याप्त भोजन
- बहुत समय
इन सभी उदाहरणों में विशेषण मात्रा का बोध करा रहे हैं, इसलिए ये परिमाणवाचक विशेषण हैं।
परिमाणवाचक विशेषण की पहचान कैसे करें? – Pariman Vachak Visheshan Pahchanne Ka Tarika
यदि किसी वाक्य में विशेषण किसी ऐसी संज्ञा के साथ प्रयुक्त हो जिसे गिना नहीं जा सकता, बल्कि केवल उसकी मात्रा बताई जा सकती हो, तो वह परिमाणवाचक विशेषण (Pariman Vachak Visheshan) होता है।
पहचान के प्रमुख आधार
- यह हमेशा मात्रा या परिमाण बताता है।
- इसका प्रयोग मुख्य रूप से अगणनीय संज्ञाओं के साथ होता है।
- यह संख्या नहीं बताता।
- इसे “कितनी मात्रा?” प्रश्न पूछकर पहचाना जा सकता है।
उदाहरण
| वाक्य | परिमाणवाचक विशेषण |
| थोड़ा पानी पियो। | थोड़ा |
| अधिक दूध लाओ। | अधिक |
| कम नमक डालो। | कम |
| पर्याप्त समय है। | पर्याप्त |
| बहुत धन है। | बहुत |
Pariman Vachak Visheshan Ke Pramukh Shabd – परिमाणवाचक विशेषण के प्रमुख शब्द
हिंदी में कई ऐसे शब्द हैं जो सामान्यतः परिमाणवाचक विशेषण के रूप में प्रयुक्त होते हैं।
- थोड़ा
- अधिक
- कम
- बहुत
- पर्याप्त
- कुछ
- समस्त
- पूरा
- भरपूर
- अल्प
- अत्यधिक
- जितना
- उतना
- आधा
- पूरा
इनका प्रयोग संज्ञा की मात्रा व्यक्त करने के लिए किया जाता है।
परिमाणवाचक विशेषण के भेद – Pariman Vachak Visheshan Ke Bhed
परिमाणवाचक विशेषण (Pariman Vachak Visheshan) मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं।
1. निश्चित परिमाणवाचक विशेषण
जब किसी वस्तु की मात्रा निश्चित रूप से बताई जाए, तब उसे निश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।
उदाहरण
- एक लीटर दूध
- दो किलो चीनी
- पाँच ग्राम सोना
- आधा किलो चावल
- एक मीटर कपड़ा
इन उदाहरणों में मात्रा निश्चित है।
2. अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण
जब मात्रा निश्चित न होकर केवल अनुमानित या सामान्य रूप में व्यक्त की जाए, तब उसे अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण कहते हैं।
उदाहरण
- थोड़ा पानी
- अधिक दूध
- बहुत समय
- पर्याप्त भोजन
- कम तेल
यहाँ मात्रा निश्चित नहीं है, इसलिए ये अनिश्चित परिमाणवाचक विशेषण हैं।
Pariman Vachak Visheshan Ke Udaharan – परिमाणवाचक विशेषण के उदाहरण
नीचे दिए गए उदाहरणों से इस विशेषण को आसानी से समझा जा सकता है।
| वाक्य | परिमाणवाचक विशेषण |
| थोड़ा पानी पी लो। | थोड़ा |
| अधिक दूध खरीदो। | अधिक |
| कम नमक डालो। | कम |
| पर्याप्त भोजन उपलब्ध है। | पर्याप्त |
| बहुत धन खर्च हो गया। | बहुत |
| कुछ चीनी बची है। | कुछ |
| भरपूर वर्षा हुई। | भरपूर |
| पूरा समय पढ़ाई में लगाओ। | पूरा |
| आधा किलो चावल ले आओ। | आधा |
| अत्यधिक गर्मी पड़ रही है। | अत्यधिक |
परिमाणवाचक विशेषण का प्रयोग – Pariman Vachak Visheshan Ka Prayog
परिमाणवाचक विशेषण का प्रयोग मुख्य रूप से उन संज्ञाओं के साथ किया जाता है जिन्हें गिना नहीं जा सकता।
उदाहरण
- थोड़ा पानी
- अधिक तेल
- कम घी
- पर्याप्त भोजन
- बहुत धैर्य
- अधिक ज्ञान
- कम मेहनत
- पर्याप्त समय
इन सभी उदाहरणों में मात्रा व्यक्त की गई है।
परिमाणवाचक विशेषण और संख्यावाचक विशेषण में अंतर
विद्यार्थियों को अक्सर इन दोनों में भ्रम होता है। नीचे दिया गया अंतर इसे स्पष्ट करता है।
| परिमाणवाचक विशेषण | संख्यावाचक विशेषण |
| मात्रा बताता है | संख्या बताता है |
| अगणनीय संज्ञा के साथ प्रयोग होता है | गणनीय संज्ञा के साथ प्रयोग होता है |
| थोड़ा पानी | पाँच पुस्तकें |
| अधिक दूध | दस विद्यार्थी |
| कम तेल | तीन आम |
उदाहरण
परिमाणवाचक विशेषण
- थोड़ा दूध
- अधिक पानी
- कम चीनी
संख्यावाचक विशेषण
- पाँच बच्चे
- तीन किताबें
- दस छात्र
याद रखें कि पानी, दूध, तेल, चीनी जैसी वस्तुएँ गिनी नहीं जातीं, जबकि किताबें, विद्यार्थी और बच्चे गिने जा सकते हैं।
परिमाणवाचक विशेषण और गुणवाचक विशेषण में अंतर
| परिमाणवाचक विशेषण | गुणवाचक विशेषण |
| मात्रा का बोध कराता है | गुण का बोध कराता है |
| अधिक दूध | मीठा दूध |
| कम पानी | ठंडा पानी |
| पर्याप्त भोजन | स्वादिष्ट भोजन |
यह अंतर परीक्षा में अक्सर पूछा जाता है।
परिमाणवाचक विशेषण का महत्व
परिमाणवाचक विशेषण (Pariman Vachak Visheshan) भाषा को अधिक स्पष्ट और प्रभावी बनाता है। इसके बिना किसी वस्तु की मात्रा बताना कठिन हो जाता है।
इसके प्रमुख उपयोग हैं—
- दैनिक बोलचाल में
- निबंध लेखन में
- पत्र लेखन में
- हिंदी व्याकरण में
- विद्यालय एवं प्रतियोगी परीक्षाओं में
विद्यार्थियों द्वारा की जाने वाली सामान्य गलतियाँ
1. संख्या और मात्रा में भ्रम
❌ तीन पानी
✔️ तीन बोतल पानी
2. गणनीय और अगणनीय संज्ञा में अंतर न समझना
❌ पाँच दूध
✔️ पाँच लीटर दूध
3. हर विशेषण को परिमाणवाचक मान लेना
“सुंदर” गुणवाचक विशेषण है, जबकि “अधिक” परिमाणवाचक विशेषण है।
अभ्यास प्रश्न
छात्रों के लिए निचे कुछ अभ्यास प्रसन दिया गया है।
रिक्त स्थान भरिए
- ______ पानी पीना स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।
- मेरे पास ______ समय है।
- चाय में ______ चीनी डालो।
- खेत में ______ पानी भर गया।
- हमें ______ भोजन करना चाहिए।
विशेषण पहचानिए
- बहुत वर्षा हुई।
- कम नमक डालो।
- पर्याप्त समय है।
- थोड़ा दूध बचा है।
- अधिक मेहनत सफलता दिलाती है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
1. परिमाणवाचक विशेषण क्या है?
जो विशेषण किसी अगणनीय संज्ञा की मात्रा या परिमाण का बोध कराता है, उसे परिमाणवाचक विशेषण (Pariman Vachak Visheshan) कहते हैं।
2. परिमाणवाचक विशेषण की पहचान कैसे करें?
यदि विशेषण किसी ऐसी संज्ञा की मात्रा बताए जिसे गिना नहीं जा सकता, तो वह परिमाणवाचक विशेषण होता है।
3. परिमाणवाचक विशेषण कितने प्रकार के होते हैं?
परिमाणवाचक विशेषण मुख्यतः दो प्रकार के होते हैं—निश्चित और अनिश्चित।
4. परिमाणवाचक विशेषण के पाँच उदाहरण लिखिए।
थोड़ा पानी, अधिक दूध, कम चीनी, पर्याप्त भोजन और बहुत समय।
5. परिमाणवाचक और संख्यावाचक विशेषण में क्या अंतर है?
परिमाणवाचक विशेषण मात्रा बताता है, जबकि संख्यावाचक विशेषण संख्या बताता है।
6. क्या “बहुत” परिमाणवाचक विशेषण है?
हाँ, जब “बहुत” किसी अगणनीय संज्ञा की मात्रा बताता है, तब यह परिमाणवाचक विशेषण होता है।
7. क्या “आधा किलो” परिमाणवाचक विशेषण है?
हाँ, क्योंकि यह किसी वस्तु की निश्चित मात्रा को दर्शाता है।
8. क्या “कुछ” परिमाणवाचक विशेषण हो सकता है?
हाँ, जब “कुछ” किसी अगणनीय संज्ञा की अनिश्चित मात्रा बताता है, तब यह परिमाणवाचक विशेषण होता है।

